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Showing posts from April 10, 2016

बहुमूल्य पिने वाला अमृत “पानी”

आपनी जीवन तक सीमित लोगों से अपील है की इस पोस्ट का ना पढ़े। दुनिया भर में पिने वाले पानी 1%  तरल रूप में और 2% ठोस रूप में यानि बर्फ के रूप में जमे हुए है । 97% पानी दुनिया में में सुमुन्द, सागर और महासागर में है जो की पिने के लायक नहीं है । अगर इसे बचाया नहीं गया तो एक दिन यह समाप्त हो जायगा और यह दुनिया के सारे जीव, मानव, प्राकृतिक संसाधन, फूल, फल सभी को समाप्त कर देगा। ऐसा मेरा मानना है अलग लोगों का अलग विचार हो सकते है। अभी भी हमारे वज्ञानिक समुंदर के खारे पानी को पिने लायक बनाने में जुड़े हुए है और प्रयासरत है। क्या हमें नहीं लगता की हम आपने बहुमूल्य पिने वाले पदार्थ “पानी” को बचाए जिसके बिना जीवन की कल्पना करना नामुमकिन है। भोजन के बिना कुछ दिनों तक हम जीवित रह सकते है लकिन पानी के बिना कुछ घंटे या  2-5 दिन या 10  दिनों तक जीवित रह सकते है । हम क्यों कहते है “एक बूंद जिंदिगी की”  पानी की एक – एक बूंद में हम और हमारा जीवन बसता है  इसीलिए हम सभी को मानना होगा की पानी को बचाए और जिंदिगी को पाए। पानी इसलिए भी ज्यादा उपयोगी है और समाप्त होने वाल...