आज के दौर मैं
मनुष्य चका चौध दुनिया के पीछे दौर रहा है किसी को चन्द लोगों को छोड़ न तो पीछे देखने
की जरूरत है न परवाह है यही सभी के मानस पटल पर चल रहा है, अगर कोई कुछ बड़ा करना
चाहता है तो थोरे देर के लिए उसके प्रति आभार प्रकट करता है और बाद मैं सब भूल
जाता है उसकी क्या जिम्वारी है जानकर भी अंजन है क्योकि उसके मन मैं कुछ और चल रहा
है और उस से वो अलग नहीं हो पा रहा है बहुत कुछ पाने के ललक उस को कहा से कहा तक
पंहुचा देगी उसे खुद नहीं पताi |
आज के समय मैं जल समस्या एक बहुत ही
जवलन्त मुदा है समाज मैं इस के बिना जीवन की कल्पना करना बेकार है सब इस से अवगत
है पर इस विषय मे कुछ करने के पारी आती है तो किसी के पास ना समय है न पैसा सभी इस
बहुमूल्य चीज को आइसे इस्तमाल कर रहे है की ये कभी ख़त्म नहीं होगा | भविष्य के
बारे मे किसी को चिंता नहीं है आज के बारे मैं सोचो कल किसने देखा है |
दूसरा पहलु , मनुष्य का
कर्त्तव्य, समाज की जिम्मेदारी, जल समस्या ये सभी हम से ही जुडी हुई है | जल समस्या
से आज सारा संसार जुज रहा है बहुत आइसे जगह है जहा जल है ही नहीं | वह की परिस्तिथि क्या
होगी हम और आप नहीं जन सकते | क्योकि परिस्तिथि और स्थिति वही जन सकता है जिस पर बीतती है | एक एक बूंद को तरसती इस पृथिवी का
मानुसों हम एक तोहफा दे सकते है लेकिन इस के लिए हम सभी को मिल कर प्रयास करनी
होगी | ताकि १०० साल के बाद आने वाला समाज हमें गाली न दे अपनी जिम्मेवारी को समझे
हम मानवता धरम को ऊँचा नहीं कर सकते |
तो हम आज से ही प्रण करते है की हम सभी
आपनी - आपनी जगह पर रह कर जल की बर्बादी को रोकेंगे और समाज और आने वाले पीढ़ी दर
पीढ़ी को एक बहुमूल्य चीज (जल) प्रचुर मात्र मे छोड़ जायेंगे |
हमारा प्रयास ही हमे और हमारे भविष्य का
निर्माण करेगा और जल को संरक्षित करने मैं हमारा साथ देगा |
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